गुजरात : गरबा ड्रेस में ICU पहुंचीं डॉक्टर कल्पना, बचाई जान..

गुजरात : डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप यूं ही नहीं कहा जाता। जब किसी मरीज की जिंदगी खतरे में होती है, तब एक डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म उसकी जान बचाना होता है। गुजरात के सूरत की डॉ. कल्पना सावनी से जुड़ा यह प्रसंग इसी भावना को दर्शाता है। नवरात्रि का पावन पर्व था। चारों ओर मां दुर्गा की भक्ति, गरबा की धुन और उत्सव का माहौल था। लोग पारंपरिक परिधानों में गरबा खेलकर मां की आराधना कर रहे थे। इसी बीच डॉ. कल्पना सावनी भी गरबा उत्सव में शामिल होने पहुंची थीं। वह अपनी गरबा वाली ड्रेस में त्योहार का आनंद ले रही थीं।
लेकिन तभी रात करीब 1 बजे उनके पास अस्पताल से फोन आया। फोन पर बताया गया कि एक मरीज की हालत बेहद गंभीर है और उसे तत्काल इलाज की जरूरत है। यह सुनते ही डॉ. कल्पना सावनी ने बिना देर किए अस्पताल पहुंचने का फैसला किया। उस वक्त वह गरबा उत्सव में थीं, लेकिन मरीज की गंभीर हालत की खबर सुनकर उनके लिए उत्सव से ज्यादा महत्वपूर्ण एक इंसान की जिंदगी हो गई।
उन्होंने तुरंत बाइक राइड बुक की और अपनी उसी गरबा वाली ड्रेस में अस्पताल के लिए निकल पड़ीं। न कपड़े बदलने का इंतजार किया, न उत्सव खत्म होने का। उनके लिए उस समय सबसे जरूरी था मरीज तक जल्द से जल्द पहुंचना। अस्पताल पहुंचते ही वह सीधे आईसीयू (ICU) में पहुंचीं और मरीज के उपचार में जुट गईं। एक तरफ नवरात्रि की रात गरबा और उत्सव की खुशियां थीं, तो दूसरी तरफ जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा एक मरीज। डॉ. कल्पना सावनी ने अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी और मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल प्रयास किए। डॉक्टर कल्पना की
तत्परता और चिकित्सकीय सहायता से मरीज की जान बच गई,





